Samay – समय

समय आजकल कुछ ठीक से कटता नहीं
लोग भी कुछ खास नज़र नहीं आते

कुछ जो पहले साथ हुआ करते थे
उनको साथी मिल गया
बाकी जो कभी दिख जाते थे यहां वहाँ
उनको अब बन्द कमरों में ज्यादा सुकून है

और वक़्त भी जो पहले यूँ ही कट जाया करता था
वो आजकल काटने को दौड़ता है

बिस्तर उठा के कहीं निकल जाने में ही भलाई है।

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